डबल-डेकर रुट ब्रिज, चेरापूंजी, Root bridges of Meghalaya.

कांपते पैरों को सहारा देने के लिए बाँस की लकड़ी को और कसकर पकड़ा। एक एक सीढी पर दस-दस सांस फुंकी जा रही थी. और अभी तो पंद्रह सौ सीढियाँ बाकी थी. आगे को चल रहे हमारे गाइड बेथ से छोटे बेटे को, जो तब पांच वर्ष का ही था, खेल में उलझाने को कहा. लेकिन खेल के साथ ही चढ़ाई भी जारी रखनी थी. अगर कोई पोखर, ताल-तलैया होते तो वो निर्बाध रूप से कंकड़ फेंकते हुए चल लेता […]